Maldives warns India– Maldives ने भारत को चेतावनी देते हुए अपने आंतरिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा है. देश में राजनीतिक संकट सुलझाने में बाधा पैदा होने की आशंका है. भारत की ओर से Maldives में आपातकाल की अवधि बढ़ाने पर चिंता जताने के बीच maldives सरकार ने यह बयान दिया है. Maldives के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार रात एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सरकार ने भारत सरकार की ओर से जारी सार्वजनिक बयानों पर गौर किया है.
जिसमें Maldives के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बाबत ‘तथ्यों एवं जमीनी हकीकत की अनदेखी’ की गई है. द्वीप देश में आपातकाल की अवधि बढ़ाने पर नई दिल्ली ने गहरा क्षोभ व्यक्त किया था. माले ने इसके जवाब में भारत को ऐसी कोई कार्रवाई नहीं करने की चेतावनी दी है, जिससे देश में राजनीतिक संकट के समाधान पर असर पड़े.
Maldives President
आपातकाल बढ़ाया जाना असंवैधानिक
Maldives ने कहा है कि भारत का मानना है कि और 30 दिनों के लिए आपातकाल बढ़ाया जाना असंवैधानिक है. यह स्पष्ट रूप से तथ्यों को दूसरी तरह से देखा जाना प्रदर्शित करता है। Maldives के संविधान और कानून को नजरअंदाज किया गया है. मंत्रालय ने कहा कि भारत का यह कहना तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाना है.
मालदीप सरकार भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ करीबी तौर पर मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है ताकि उनकी चिंताएं दूर की जा सकें. Maldives में आपातकाल की अवधि बढ़ाने पर नाखुशी जाहिर करते हुए भारत ने गुरुवार को कहा था कि वह ऐसा करने के लिए Maldives की संसद के पास कोई ठोस वजह नहीं देखता और वह इस द्वीपीय राष्ट्र के हालात पर नजर रख रहा है.
अवधि 30 दिन बढ़ायी, भारत की अपील को किया दरकिनार
भारत की अपील को किया दरकिनार
Maldives में आपातकाल की अवधि 30 दिन बढ़ाने की राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सिफारिश संसद द्वारा स्वीकार कर लिए जाने पर भारत ने ‘गहरी निराशा’ जाहिर की और इसे चिंता का विषय करार दिया. मंगलवार को Maldives की संसद ने देश में आपातकाल की अवधि 30 दिनों के लिए बढ़ा दी थी, जिससे देश की सत्ता पर राष्ट्रपति यामीन की पकड़ और मजबूत हो गई.
पहले भारत ने उम्मीद जतायी थी
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘हमारी यह उम्मीद है कि Maldives सरकार आपातकाल की अवधि को आगे नहीं बढ़ायेगी, ताकि Maldives में राजनीतिक प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जा सके.’
पूर्व नेता मोहम्मद नसीद
मंत्रालय ने Maldives सरकार से उच्चतम न्यायालय के एक फरवरी के आदेश को लागू करने को भी कहा जिसमें निवार्सित पूर्व नेता मोहम्मद नसीद एवं आठ अन्य की रिहाई सही अर्थो में सुनिश्चित की जा सके. विदेश मंत्रालय का कहना है कि आपातकाल को समाप्त करने के बाद ही न्यायपालिका समेत लोकतांत्रिक संस्थाएं संविधान के अनुरूप स्वतंत्र रूप एवं निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से काम कर सकेंगी.
बयान के अनुसार, ‘यह जरूरी है कि Maldives तेजी से लोकतंत्र एवं कानून के शासन के मार्ग पर लौट सके ताकि देश के लोगों की आकांक्षाओं पूरा करने के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को दूर किया जा सके. उल्लेखनीय है कि सोमवार को यामीन ने Maldives की संसद के समक्ष आपातकाल की अवधि को 30 दिनों तक बढ़ाने का आग्रह पेश किया.
इस बात में कोई संदेह नहीं कि Maldives देश के इतिहास में सबसे कठिन समय का सामना कर रहा है. लिहाजा, यह अहम है कि भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय में मित्र एवं साझेदार ऐसी किसी कार्रवाई से दूर रहें जिससे देश के सामने मौजूद हालात को सुलझाने में बाधा पैदा होती हो. Maldives की सरकार ने भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं का समाधान करने के लिए काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है.